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Barabanki News: LUCC कंपनी ने निवेशकों से की करोड़ों की धोखाधड़ी, पैसे वापस पाने के लिए जमाकर्ता हुए परेशान

Barabanki News:
LUCC कंपनी ने निवेशकों से की करोड़ों की धोखाधड़ी, पैसे वापस पाने के लिए जमाकर्ता हुए परेशान जमाकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जनपद में करीब 8 लाख लोगों का करोड़ों रुपया लेकर LUCC कम्पनी भाग गई. ठगी पीड़ित जमाकर्ता अपना पैसा वापस पाने के लिए डीएम ऑफिस से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय का चक्कर काट रहे है. कुछ जमाकर्ताओं ने एजेंटों के खिलाफ केस दर्ज कराया जिसके बाद पुलिस एजेंटों की धरपकड़ शुरू कर दी. पुलिस की कार्रवाई से पीड़ित होकर जमाकर्ता एजेंट गन्ना संस्थान परिसर में धरना प्रदर्शन पर बैठ गए है और अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है
गन्ना संस्थान बाराबंकी परिसर में पिछले वर्ष 1 सितंबर 2024 से ठगी पीड़ित लोग अनिश्चित कालीन असहयोग आंदोलन सत्याग्रह कर रहे हैं और सरकार से ठगी पीड़ितों के समुचित भुगतान की मांग कर रहे हैं. ठगी पीड़ितों का कहना है कि जनपद के सभी थानों के प्रभारियों को और चौकी इंचार्ज को निर्देश किया जाय कि भुगतान आवेदन फार्म जमा करवाने के शिविरों का आयोजन करवाये एवं निर्दोष एजेंटों को झूठे मुकदमे एवं प्रताड़ना से बचाया जाए.
महीनों से बंद पड़ा है समाधान पोर्टल ठगी पीड़ित लोगों ने DM को सौंपे गए ज्ञापन में जानकारी दी है कि, बाराबंकी जनपद सहित पूरे देश मे LUCC, विश्वास ट्रेडिंग, सहारा, पल्स, जेकेबी, आदर्श, ब्लू, घाव, वार्थीलैण्ड, आदि 4 लाख से ज्यादा कम्पनियों ने देश के लगभग 42 करोड़ लोगों को चूना लगाकर भाग गई है. ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार संगठन के बैनर तले 1 जनवरी 2025 से अनिश्चितत कालीन क्रमिक अनशन पर बैठ गए हैं. पीड़ितों ने बताया समस्या के समाधान के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी स्थापित किया गया था, जो कई महीनो से बंद पड़ा है. जिससे पीड़ित अपना भुगतान आवेदन क्लेम शिकायत दाखिल नहीं कर पा रहे हैं.
जिला अधिकारी को दिए गए ज्ञापन में एजेंटों ने बताया कि, निवेदक और कुछ पुलिसकर्मी जबरन धन वसूली कर रहे हैं कुछ पुलिसकर्मी एजेंट की खिलाफ शिकायत मिलते ही एजेंट का उत्पीड़न आरंभ कर देते हैं. पीड़ितों बताया कि, पुलिस अनुचित तरीके से दबाव बनाकर पैसे वसूलती है. पीड़ितों ने बताया है सभी कंपनी और समिति बंद हो चुकी है और उनके प्रबंधक जेल में है या अधिकतर फरार हैं. इन कंपनी में काम करने वाले एजेंट जो स्वयं निवेशक भी है वह पुलिस के उत्पीड़न से अत्यंत तनाव में है. पीड़ितों ने बताया कि, कई एजेंट ने पुलिस उत्पीड़न के कारण आत्महत्या तक कर ली है.

पीड़ित ने कहा- नहीं सुन रहे अधिकारी

पीड़ितों ने बताया कि, बाराबंकी के सक्षम अधिकारी ना आवेदन ले रहे हैं न ही 2 वर्ष पूर्व लि गए आवेदनों पर न्याय उचित कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि बर्ड्स एक्ट 2019 तो समय वृद्धि कानून है और 180 दिन में ट्रायल कॉम्प्लिकेशन कर जमा राशि के दो से तीन गुना भुगतान की व्यवस्था करता है. ज्ञापन लेने पहुंचे अतिरिक्त मजिस्ट्रेट विवेकशील यादव ने बताया कि यहाँ गन्ना संस्थान में जो ठगी पीड़ित जमाकर्ता हैं उनकी कुछ प्रमुख मांगे थी. उनकी मांगों के संदर्भ में ज्ञापन दिया गया है जो इनकी बाते है उच्च स्तर पर अवगत करा दिया जाएगा

Jitendra Maurya

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